इस ऑडियोबुक के बारे में
ग्रिगोरी लित्विनोव बादेन बादेन पहुँचता है, मंगेतर तात्याना के साथ व्यवस्थित भविष्य की ओर बढ़ने की अपेक्षा में। अतीत से जुड़ी इरीना से मुलाकात आशा अस्थिर करती है। विश्रामस्थल के सामाजिक मंडल निजी संघर्ष को प्रभाव, विश्वास और रूस के भविष्य पर फैशनेबल निश्चितताओं के बीच रखते हैं। बातचीत में आत्मप्रदर्शन भी सक्रिय है।
इवान तुर्गेनेव भावनात्मक अनिश्चितता से ऐसे लोगों पर व्यंग्य जोड़ते हैं जो स्वयं से अधिक समाज को समझाते हैं। बातचीत अपनापन दिखाने का अभिनय बन सकती है। नया आकर्षण लित्विनोव का निर्णय कमजोर करता है। व्यावहारिक जीवनयोजना पुराना लगाव लौटने पर कम सुरक्षित लगती है।
उपन्यास इच्छा, आत्मछल और सार्थक प्रतिबद्धता तथा शक्तिशाली प्रभाव का अंतर देखता है। परिवेश निजी रिश्ते और सार्वजनिक तर्क को एक दूसरे पर रोशनी डालने देता है। चुनाव उचित ठहराने की भाषा प्रभाव खोने लगे तो क्या बचता है, पाठक यही विचार कर सकता है।