इस ऑडियोबुक के बारे में
सेम्योन नेव्ज़ोरोव अधिक प्रभावशाली भविष्य सोचता है और क्रांति तथा गृहयुद्ध की उथलपुथल में अवसर पाता है। बदलती परिस्थितियाँ नई भूमिकाएँ लेने देती हैं। लेकिन सफलता दूसरों की पसंदीदा बात पहचानने पर निर्भर है। अनुकूलन की प्रतिभा उसे ऐसे संसार में लाती है जहाँ पहचान व्यावहारिक उपकरण बन सकती है।
अलेक्सेई निकोलायेविच तोल्स्तोय लालसा, भय और आत्मसमर्थन पर व्यंग्यदृष्टि रखते हैं। नेव्ज़ोरोव सार्वजनिक घटनाओं का महत्त्व मुख्यतः अपने लाभ से मापता है। उसकी आत्मछवि और पाठक को दिखाई आचरण का अंतर बेचैन करने वाला हास्य देता है। हर अवसर पुरानी इच्छा का नया मंच है।
उपन्यास अवसरवाद और हर रिश्ते को उन्नति का साधन मानने की कीमत देखता है। अस्थिर सामाजिक परिवेशों से गुजरती कथा पूछती है कि लगातार रूप बदलने वाले व्यक्ति में क्या बचता है। प्रदर्शन बदल सकता है, मगर उसे दिशा देने वाली वही इच्छाएँ नए संबंधों में भी सक्रिय रहती हैं।