इस ऑडियोबुक के बारे में
युवा प्योत्र ऐसा शासक बनता है जिसकी महत्वाकांक्षाएँ राज्य और आसपास के लोगों को दूर तक बदलती हैं। स्थापित परंपराओं के सामने श्रम, सैन्य संगठन तथा बाहरी संसार से संबंध की नई माँगें हैं। राजनीतिक बदलाव व्यक्तियों के अनुभव में दिखता है। कोई उत्साह, कोई प्रतिरोध और कोई जीने की व्यावहारिक चाह से प्रतिक्रिया देता है।
अलेक्सेई निकोलायेविच तोल्स्तोय शासक के विकास को बदलते समाज के दबावों से जोड़ते हैं। दरबार और साधारण श्रम उसी व्यापक इतिहास के हिस्से हैं। निजी महत्वाकांक्षा सुधार में मदद या व्यवधान का लाभ ले सकती है। सार्वजनिक फैसले घरों तथा जीवनों तक पहुँचते हैं।
अधूरा ऐतिहासिक उपन्यास अधिकार, अनुकूलन और विरासत की व्यवस्था फिर गढ़ने की मानवीय कीमत देखता है। सजीव पुनर्रचना राजनीतिक परियोजना की शक्ति तथा उससे भविष्य बदलते लोगों की विविध प्रतिक्रियाएँ साथ देती है। सुधार का लक्ष्य उसके अनुभव के अनेक अर्थ समाप्त नहीं करता।