इस ऑडियोबुक के बारे में
अभियंता लोस मंगल तक जाने वाला यान बनाता है और गूसेव अभियान में शामिल होता है। यात्रा उन्हें ऐसे समाज में ले जाती है जहाँ अपरिचित परिस्थिति सत्ता तथा सामूहिक जीवन के पहचाने संघर्ष दिखाती है। ऐलिता से लोस की मुलाकात खोज को निजी अर्थ देती है, जो आसपास के राजनीतिक तनाव से अलग नहीं।
अलेक्सेई निकोलायेविच तोल्स्तोय अंतरग्रहीय यात्रा के उत्साह में नई दुनिया की विपरीत प्रतिक्रियाएँ जोड़ते हैं। साथियों के स्वभाव तय करते हैं कि वे क्या देखते और करना चाहते हैं। जिज्ञासा, स्नेह तथा कर्म का आवेग जुड़ते हैं। केवल दर्शक बने रहना कठिन होता जाता है।
उपन्यास लालसा, जिम्मेदारी और दूसरे संसार की कल्पना तथा उसके संघर्षों में भाग लेने का अंतर देखता है। मंगल कल्पनाविज्ञान का है। परिचित जीवन बहुत पीछे लगता हो तब भी यात्री कौन सी आशाएँ तथा मान्यताएँ साथ लाते हैं, रोमांच यह प्रश्न खुला रखता है।