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ऑडियोबुक · VoxAudio

श्रीमती बोवरी

फ्लोबेर, गुस्ताव
ऑडियो भाषा: हिन्दी 34 अध्याय
Госпожа Бовари
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श्रीमती बोवरी · फ्लोबेर, गुस्ताव

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ऑडियो की भाषा
हिन्दी
अध्याय
34

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इस ऑडियोबुक के बारे में

गुस्ताव फ्लोबेर के इस उपन्यास की नायिका एम्मा बोवरी ऐसी रोमांचक और भव्य ज़िंदगी चाहती है जैसी उसने प्रेमकथाओं में पढ़ी है। एक छोटे कस्बे में चिकित्सा करने वाले चार्ल्स से विवाह उसकी अपेक्षाएँ पूरी नहीं करता। रोज़मर्रा की एकरसता से उसका असंतोष बढ़ता है, और वह प्रेम संबंधों तथा अपनी सामर्थ्य से बाहर की ख़रीदारी में राहत खोजने लगती है। लेकिन न प्रेम का रोमांच और न ही विलासिता उसके सपनों तथा वास्तविक जीवन के बीच की दूरी मिटा पाते हैं। निराशाएँ और कर्ज़ एक-दूसरे से जुड़ते जाते हैं। लेखक एम्मा और उसके आसपास के समाज को मनोवैज्ञानिक सूक्ष्मता तथा संयत विडंबना के साथ देखते हैं। उसकी आकांक्षाओं के प्रति सहानुभूति रखते हुए भी वे उसके निर्णयों के परिणाम नहीं छिपाते। इच्छा, आत्मछल और सामाजिक परंपराओं की इस कहानी में ऐसे पात्र मिलते हैं जिनके अंतर्विरोध आसानी से सुलझाए नहीं जा सकते। मनुष्य के सपनों और उसके वास्तविक जीवन के अंतर में रुचि रखने वालों के लिए यह एक विचारोत्तेजक उपन्यास है।