इस ऑडियोबुक के बारे में
राजकुमारी वेरा शेइना का परिचित जीवन ऐसे व्यक्ति के उपहार से विचलित होता है जिसकी दीर्घकालीन भक्ति उसके सामाजिक संसार से बाहर रही है। भेजने वाला झेल्तकोव बिल्कुल अलग हैसियत रखता है। उसका ध्यान ऐसे प्रश्न उठाता है जिन्हें वेरा के परिजन प्रतिष्ठा और मर्यादा की परंपराओं से समझते हैं। निजी भावना दूसरों के निर्णय का विषय बनती है।
अलेक्सांद्र कुप्रिन प्रेम और उसे व्यक्त करने के अधिकार की अलग धारणाएँ सामने रखते हैं। किसी को शर्मिंदगी लगने वाली बात सामान्य अपेक्षाओं से न मापा जा सकने वाला अर्थ रख सकती है। बातचीत, याद के शब्द और संगीत वेरा को विचार की जगह देते हैं।
लघु उपन्यास स्नेह, गरिमा और बाहरी परिस्थितियों से आंतरिक जीवन परखने की सीमा देखता है। संयत भावनात्मक गति किसी की भावना समझने और उसे साझा करने का अंतर खोलती है। उदारता और पहचान के प्रश्न विचार के लिए खुले रहते हैं।